कंडोम मिथक: कंडोम के आकार से कोई अंतर नहीं पड़ता | Condom Myth: Condom Sizes Doesn’t Matter
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कंडोम मिथक: कंडोम के आकार से कोई अंतर नहीं पड़ताCondom Myth: Condom Sizes Doesn’t Matter पिछले दिनों एक अजीब खबर देखने में आई कि युगांडा के नव्यवक इस बात को लेकर परेशान हैं, कि उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार कंडोम नहीं मिल रहे हैं।
इन युवकों का कहना है कि उनके देश में मिलने वाले कंडोम का आकार छोटा है जिसके कारण उन्हें इस्तेमाल करने में कठिनाई आती है।इसी कारण कुछ युवक तो कंडोम का इस्तेमाल करना भी पसंद नहीं करते हैं।यह समाचार उन लोगों के भ्रम का जवाब हो सकता है कि कंडोम के आकार से कोई अंतर नहीं पड़ता। 1.कंडोम मिथक : कंडोम के आकार से कोई अंतर नहीं पड़ता Condom Myths: Condom Sizes Don’t Matter जी नहीं, यह केवल भ्रम मात्र है, क्योंकि कंडोम के आकार का सेक्स प्रक्रिया पर बहुत प्रभाव पड़ता है। दरअसल कंडोम बनाने वाली विभिन्न कंपनियाँ, कंडोम के आकार का निर्धारण विभिन्न तरीकों से करती हैं। जैसे रेडीमेड कपड़े बनाने वाली और जूते बनाने वाली कंपनियों के प्रोडक्ट्स के साइज़ अलग-अलग होते हैं , उसी प्रकार हर कंपनी के कंडोम के साइज़ चार्ट भी अलग-अलग होते हैं।
2.क्या कंडोम के साइज़ से अंतर पड़ता हैDoes the condom size matters बहुत से लोग सोचते हैं कि क्या कंडोम का साइज़ होता है? इसका उत्तर है, जी हाँ, न केवल कंडोम का साइज़ होता है बल्कि कंडोम के आकार का शरीर के आकार के अनुसार होना बहुत जरूरी है। इसका मुख्य कारण यह है कि पुरुष के लिंग का आकार उनके शरीर के आकार के अनुसार छोटा या बड़ा हो सकता है। इसलिए गलत आकार या साइज़ का कंडोम अगर लिंग पर टाइट या ढीला होता है , तब इसके प्रयोग का औचित्य नहीं रहता है। इसके अतिरिक्त कंडोम अगर लिंग के आकार से बड़ा या छोटा होता है, तब उसके फटने का भी डर रहता है। इस प्रकार कंडोम यदि लिंग के आकार से छोटा है तब फट जाएगा और बड़ा होने पर लिंग से उतर जाएगा। इसलिए कंडोम को लिंग के आकार के अनुसार ही लेना चाहिए।
3.निष्कर्ष Conclusion इस प्रकार कहा जा सकता है कि कंडोम का सही आकार में होना बहुत जरूरी है। क्योंकि कंडोम यदि लिंग के साइज़ से छोटा है तब उसके फटने की संभावना हो सकती है और इसके बड़ा होने पर कंडोम लिंग से उतर सकता है। इसलिए कंडोम को लिंग के आकार के अनुसार ही लेना चाहिए।